Sunday, October 26, 2008

शुभ दीवाली


दीवाली आने को है और मौसम का रूख बदला है। कहीं खुशी है तो कही गम है। दुकानों में दीये, तोरण, लक्ष्मी-गणेश, बर्तन और मेवे के सजावटी डिब्बों की भरमार है। बाजारों की उठा-पटक के बाद हर ओर एक आशा कि किरण है कि शायद फिर वही रौनक आएगी। कहीं लाठियों की मार है, जो कहीं मंदी की मार। त्योहारों में घर जाने को बेताब लोग स्टेशनों पर गाडि़यों के इंतजार में है। दीये की रोशनी की तरह दिल में आस जगाए है। उमंग और उत्साह के साथ घर पर दीप जलाएंगे।

Wednesday, October 8, 2008

गांगुली के कैरियर का घटनाक्रम


जनवरी 1992- वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिस्बेन में एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण। तीन रन बनाकर आउट। टीम से बाहर। जून 1996- इंग्लैंड के खिलाफ ला‌र्ड्स में पदार्पण टेस्ट में ही शतक जमाया। ट्रेंट ब्रिज में अगले टेस्ट मैच में भी शतक जमाया। अगस्त 1997- कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय मैचों में अपना पहला शतक जमाया। सितंबर 1997- पाकिस्तान के खिलाफ सहारा कप में भारत की 4-1 से जीत में सर्वाधिक रन बनाने और विकेट लेने वाले खिलाड़ी। गांगुली ने 55.5 की औसत से 222 रन और 10.66 की औसत से 15 विकेट लिए। उन्हें चार मैच में मैन आफ द मैच और मैन आफ द सीरीज चुना गया।नवंबर-दिसंबर 1997- श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू श्रृंखला में मैन आफ द सीरीज। उन्होंने 98.00 की औसत से 392 रन बनाए।मई 1999- श्रीलंका के खिलाफ विश्व कप मैच में टांटन में 183 रन बनाए, जो उस समय एकदिवसीय मैचों में किसी भारतीय का सर्वाधिक स्कोर था। सितंबर 1999- सचिन तेंदुलकर के चोटिल होने के कारण हटने से सिंगापुर चैलेंज में पहली बार एकदिवसीय मैचों में भारत की कप्तानी की।फरवरी 2000- लंकाशर से जुड़े। फरवरी 2000- तेंदुलकर के इस्तीफे के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच वन डे मैचों की श्रृंखला के लिए कप्तान नियुक्त। मार्च 2001- भारत को आस्ट्रेलिया पर अपनी सरजमीं में 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई। नवंबर 2001- गांगुली और पांच अन्य भारतीयों को पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट के दौरान मैच रेफरी माइक डेनेस ने अधिक अपील करने के लिए आगाह किया। एक टेस्ट मैच और पांच एकदिवसीय मैचों का निलंबित प्रतिबंध लगाया। जुलाई 2002- भारत की नेटवेस्ट सीरीज फाइनल में जीत के बाद ला‌र्ड्स की बालकनी में शर्ट निकालकर लहराई।मार्च 2003- भारतीय टीम को विश्व कप फाइनल तक पहुंचाया। अप्रैल 2004- पाकिस्तान में टेस्ट श्रृंखला जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। इसके साथ ही 15 टेस्ट जीत के साथ भारत के सबसे सफल कप्तान बने।अक्टूबर 2004- भारत ने 35 साल बाद आस्ट्रेलिया से घरेलू श्रृंखला गंवाई।मार्च 2005- पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू श्रृंखला ड्रा करवाई। अप्रैल 2005- पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के दौरान धीमी ओवर गति के लिए छह मैच का प्रतिबंध। भारत श्रृंखला 2-4 से हारा।सितंबर 2005- जिम्बाब्वे में खुलासा किया कि कोच ग्रेग चैपल ने उनसे कप्तानी छोड़ने के लिए कहा था।नवंबर 2005- टेस्ट कप्तानी के पांच साल के कार्यकाल का अंत। राहुल द्रविड़ नए कप्तान बने। जनवरी 2006- पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिए चुने गए।दिसंबर 2006- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में वापसी। सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज।जनवरी 2006- एकदिवसीय मैचों में वापसी। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में ही 98 रन बनाए।जुलाई अगस्त 2007- इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत में 49.80 की औसत से 249 रन बनाए। नवंबर दिसंबर 2007- पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में सर्वाधिक 534 रन बनाये। मैन आफ द सीरीज बने। पहली बार अपने घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स पर शतक जड़ा। बेंगलूर में अगले मैच में पहला दोहरा शतक बनाया। दिसंबर 2007 से जनवरी 2008- आस्ट्रेलिया के खिलाफ मिश्रित सफलता। दो अर्धशतक 29.37 की औसत से रन बनाए। एकदिवसीय टीम से बाहर। अक्टूबर 2008- आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के बाद संन्यास लेने की घोषणा की।