Sunday, October 26, 2008

शुभ दीवाली


दीवाली आने को है और मौसम का रूख बदला है। कहीं खुशी है तो कही गम है। दुकानों में दीये, तोरण, लक्ष्मी-गणेश, बर्तन और मेवे के सजावटी डिब्बों की भरमार है। बाजारों की उठा-पटक के बाद हर ओर एक आशा कि किरण है कि शायद फिर वही रौनक आएगी। कहीं लाठियों की मार है, जो कहीं मंदी की मार। त्योहारों में घर जाने को बेताब लोग स्टेशनों पर गाडि़यों के इंतजार में है। दीये की रोशनी की तरह दिल में आस जगाए है। उमंग और उत्साह के साथ घर पर दीप जलाएंगे।

10 comments:

महेन्द्र मिश्र said...

आपको भी दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामना

शोभा said...

अच्छा लिखा है. दीपावली की शुभ कामनाएं.

श्यामल सुमन said...

यह बात और है कि आँधियाँ हमारे बस में नहीं।
मगर चराग जलाना तो अख्तियार में है।।

आपको दीपावली की शुभकामनाएँ।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com

Sanjeet Tripathi said...

शुभकामनाएं।

Dr. Ashok Kumar Mishra said...

अच्छा िलखा है आपने । दीपावली की शुभकामनाएं । दीपावली का पवॆ आपके जीवन में सुख समृिद्ध लाए । दीपक के प्रकाश की भांित जीवन में खुिशयों का आलोक फैले, यही मंगलकामना है । दीपावली पर मैने एक किवता िलखी है । समय हो तो उसे पढें और प्रितिक्रया भी दें-

http://www.ashokvichar.blogspot.com

कुन्नू सिंह said...

दिपावली की शूभकामनाऎं!!


शूभ दिपावली!!


- कुन्नू सिंह

शोभा said...

सुंदर लिखा है. दीपावली की शुभ कबहुतामनाएं.

Amit K Sagar said...

खूबसूरत. सपरिवार आपको दिवाली की शुभकामनायें.
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रचना गौड़ ’भारती’ said...

प्रसंशनीय.

अभिषेक मिश्र said...

Swagat. Pls remove unnecessary word verification.welcome on my blog also.